हर कोई जब नई कार खरीदता है तो उसके सपनों और उम्मीदों का नया सफ़र शुरू होता है। लेकिन Skoda Auto India से जुड़ा हालिया मामला उन लोगों के लिए एक चेतावनी है, जो अपने परिवार के साथ सुरक्षित और निश्चिंत ड्राइव का सपना देखते हैं। ग्राहक का भरोसा तब टूट जाता है जब नई कार ही परेशानियों का कारण बन जाए।
Skoda Auto India पर उपभोक्ता अदालत का आदेश

चेन्नई नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने Skoda Auto India को अपने ग्राहक को 16.73 लाख रुपये वापस करने का आदेश दिया है। यह फैसला उस शिकायत के बाद आया जिसमें एक ग्राहक ने कंपनी और उसके डीलर की लापरवाही और खराब कार डिलीवरी की शिकायत दर्ज की थी।
यह घटना मार्च 2023 में शुरू हुई, जब टी.एस. राजमोहान ने Skoda Auto India की SUV स्कोडा कुशाक खरीदी। सिर्फ तीन महीने के भीतर ही गाड़ी में कई खराबियाँ सामने आने लगीं। एसी का ठीक से काम न करना, गाड़ी चलाते समय पहियों से आवाज़ आना, पावर विंडो की समस्या, क्लच की दिक्कत—ये सभी खामियाँ ग्राहक की नाराज़गी का कारण बनीं।
ग्राहक की परेशानी और Skoda Auto India की प्रतिक्रिया
जब राजमोहान ने समस्या की शिकायत Skoda Auto India और गुरुदेव मोटर्स डीलरशिप को की, तो उन्हें सिर्फ सर्विस सेंटर भेज दिया गया। गाड़ी कई बार सर्विस के लिए गई लेकिन खराबियाँ जस की तस रहीं। इतना ही नहीं, जब ग्राहक ने रिपेयर और सर्विस की पूरी जानकारी मांगी, तो उन्हें यह जानकारी देने से भी मना कर दिया गया।
ग्राहक की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीलरशिप द्वारा भेजा गया एक ड्राइवर कार को लापरवाही से चला गया और कार के ब्लैक पैनल पर खरोंचें आ गईं। इस घटना ने राजमोहान की नाराज़गी को और बढ़ा दिया और उन्होंने आखिरकार उपभोक्ता अदालत का दरवाज़ा खटखटाया।
भरोसे की कीमत और Skoda Auto India की छवि
एक ग्राहक जब Skoda Auto India जैसी बड़ी ब्रांड से कार खरीदता है, तो वह सिर्फ एक वाहन नहीं खरीदता बल्कि सुरक्षा, भरोसे और सुविधा का वादा खरीदता है। लेकिन इस मामले में ग्राहक का विश्वास टूट गया। उपभोक्ता अदालत का यह फैसला उन सभी ग्राहकों के लिए राहत की खबर है जो बड़ी कंपनियों से न्याय की उम्मीद रखते हैं।
यह घटना यह भी दिखाती है कि कंपनियों के लिए सिर्फ कार बेचना ही काफी नहीं है। असली चुनौती तब आती है जब कोई समस्या होती है और ग्राहक को सही समय पर सही समाधान दिया जाता है। अगर कंपनी और डीलर समय पर जिम्मेदारी निभाते, तो शायद मामला अदालत तक नहीं पहुँचता।
Skoda Auto India के लिए यह एक बड़ा सबक है कि भरोसे की कीमत सबसे ज़्यादा होती है। अगर एक बार विश्वास टूट जाए तो उसे वापस पाना आसान नहीं होता।
भविष्य की सीख

यह मामला सिर्फ Skoda Auto India तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक चेतावनी है। ग्राहक आज के समय में पहले से ज्यादा जागरूक हैं और अगर उन्हें धोखा महसूस होता है, तो वे न्याय पाने के लिए हर कदम उठा सकते हैं।
कंपनियों को चाहिए कि वे ग्राहकों की शिकायतों को गंभीरता से लें और पारदर्शिता बनाए रखें। आखिरकार, एक खुश ग्राहक ही कंपनी का सबसे बड़ा एंबेसडर होता है। अगर Skoda Auto India इस घटना से सबक ले और अपनी सर्विस में सुधार करे, तो शायद आने वाले समय में उसका खोया भरोसा दोबारा लौट सके।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट्स और उपभोक्ता अदालत के आदेश पर आधारित है। Skoda Auto India या उसके डीलर की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी हो सकती है। पाठकों से निवेदन है कि अंतिम जानकारी के लिए कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार करें।
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