आज के समय में smartphone growth सिर्फ एक टेक ट्रेंड नहीं, बल्कि हमारे रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा बन चुकी है. हम सब अपने बेहतर, तेज़ और ज़्यादा स्मार्ट डिवाइस की तलाश में रहते हैं, और इसी चाहत ने भारत की मोबाइल इंडस्ट्री को एक नए मुकाम पर पहुँचा दिया है. पिछले कुछ सालों में जिस तरह प्रीमियम फ़ोन्स की डिमांड बढ़ी है, उसने पूरे मार्केट की दिशा ही बदल दी है.
भारत में बढ़ती प्रीमियम स्मार्टफोन क्रांति

भारत में smartphone growth ने Q3 2025 में एक नया रिकॉर्ड बनाया है. Counterpoint Research की रिपोर्ट बताती है कि जुलाई से सितंबर तक स्मार्टफोन शिपमेंट में साल-दर-साल 5 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली. यह बढ़त बताती है कि भारतीय उपभोक्ता अब सिर्फ एक फोन नहीं, बल्कि एक बेहतर अनुभव खरीदना चाहते हैं. प्रीमियम कैटेगरी—यानी 30,000 रुपये से ऊपर वाले फोन्स—की डिमांड ने बाजार को मजबूती से आगे बढ़ाया.
यही वजह है कि smartphone growth सिर्फ नंबरों की बात नहीं रही, बल्कि लोगों की चाहतों, सपनों और अपग्रेड करने की उम्मीदों की कहानी बन चुकी है. मज़ेदार बात यह है कि Apple ने इस बार भारत में टॉप पाँच OEMs में भी जगह बना ली, और उसकी मार्केट शेयर 7% से बढ़कर 9% तक पहुँच गई. यह बदलाव भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा iPhone मार्केट बना चुका है.
इस पूरे बदलाव में smartphone growth का स्पीड पकड़ना यह साबित करता है कि भारतीय मार्केट अब सिर्फ बजट सेगमेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैल्यू और एक्सपीरियंस-ड्रिवन बन चुका है.
उपभोक्ताओं का बदलता नज़रिया और अपग्रेड की चाह
अगर हम गहराई से समझें, तो smartphone growth इस बात का साफ़ संकेत है कि भारतीय उपभोक्ता अब क्वालिटी को क्वांटिटी से ज्यादा महत्व देने लगे हैं. लोग अब ऐसा फोन चाहते हैं जो लंबे समय तक चले, अच्छा कैमरा दे, पावरफुल परफॉर्मेंस दे और ब्रांड पर भरोसा भी हो.
Q3 2025 में हाई-एंड फोन्स की शिपमेंट में 29 प्रतिशत YoY की उछाल देखी गई. यह बढ़त सिर्फ टेक्नोलॉजी के दम पर नहीं, बल्कि लोगों की लाइफस्टाइल चॉइसेज़ के कारण आई है. चाहे Apple हो या Samsung—दोनों के फ्लैगशिप मॉडल्स ने मार्केट में शानदार परफॉर्म किया.
EMI ऑप्शंस, कम ब्याज़ दरें और ब्रांड्स द्वारा दिए गए आकर्षक डिस्काउंट्स ने भी smartphone growth को और तेज़ कर दिया. पुराने प्रीमियम मॉडल्स पर मिलने वाली ऑफ़र्स ने ग्राहकों को आसानी से अपग्रेड करने का मौका दिया.
यह बदलता माहौल बता रहा है कि भारत में smartphone growth सिर्फ बिक्री का आंकड़ा नहीं, बल्कि एक नई डिजिटल सोच की पहचान है, जिसे हर ब्रांड समझने और अपनाने की कोशिश कर रहा है.
भारत का भविष्य: वैल्यू-ड्रिवन मार्केट की तरफ़ बढ़ता कदम

आज की भारतीय मार्केट में smartphone growth ऐसे समय पर हो रही है जब डिजिटल इंडिया तेज़ी से बदल रहा है. लोग सिर्फ जरूरत के लिए नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल, बिज़नेस, क्रिएशन और कनेक्शन के लिए स्मार्टफोन खरीद रहे हैं.
Q3 2025 की रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि मार्केट अब quantity-driven नहीं बल्कि value-driven हो चुका है. इसका मतलब है कि लोग हर प्रोडक्ट में वैल्यू ढूंढ रहे हैं—चाहे वह कैमरा क्वालिटी हो, प्रोसेसर की स्पीड हो या लंबी बैटरी लाइफ.
Apple और Samsung ने प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाई है, और यह आगे आने वाले समय में smartphone growth को और भी बढ़ाने वाला है. भारत में बढ़ती युवा आबादी, डिजिटल ट्रेंड, सोशल मीडिया क्रिएशन और बेहतर मोबाइल नेटवर्किंग ने मिलकर इस growth को एक नई दिशा दी है.
आज जब हर दूसरा व्यक्ति अपना फोन सिर्फ कॉल के लिए नहीं बल्कि दुनिया को जानने-समझने और खुद को दिखाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है, ऐसी स्थिति में smartphone growth का बढ़ना बिल्कुल स्वाभाविक है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट्स और बाज़ार के रुझानों पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है.
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